समुदायिक अनुसंधान




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बाह्य संसाधनो का सर्वेक्षण

समुदाय बाहर से क्या प्राप्त कर सकता है?

के द्वारा फिल बार्टले, पीएच.डी.

अनुवाद्क: मितेष टान्क


प्रशिक्षण प्रर्चा

समुदायिक परियोजनाऔ के लिए बाह्य संसाधनो का मूल्यांकन करना

बाह्य संसाधन :

समुदाय को ज्यादा शक्तिशाली और स्वनिर्भर होने के लिये, जितना हो सके उतना समुदाय के अन्दर से प्राप्त किये जा सके वैसे (आंतरिक) संसाधन हो उतना ही उसके सशक्त होने के सम्भावना ज्यादा होती है। किसी और पर निर्भर होने के खतरो पर किसी और जगह पर विस्तार से लिखा है।

लेकिन अगर समुदाय बाह्य संसाधनो का फ़ायदा उठा सकते है, जिस पर उसका अधिकार हो, तो आप समुदाय के सदस्यो को इसमे मार्गदर्शित कर सकते हो। लेकिन उसके पहले आप को समुदाय को आन्तरिक संसाधनो का उपयोग करने के लिये प्रेरित करना होगा।

कार्यकर्ता के काम के लिये अपने आप को तैयार करते समय, आप सामुदायिक परियोजनाऔ के लिए विभिन्न बाह्य स्रोतों का अनुसंधान कर सकते हो। समुदाय के लिए तीन स्रोत मे यह सारे शामिल होते है (1) सरकारी, ज़िला से लेकर राष्ट्रिय स्तर तक (2) गैर सरकारी सन्स्थान, जिसमे राष्ट्रिय एवम अंतर्राष्ट्रीय सहायता परियोजना शामिल है (3) अंतर्राष्ट्रीय द्विपक्षीय और बहुपक्षीय आर्थिक सहायता परियोजना भी हो सकती है।

इनके साथ काफ़ी मसले जुडे हुए होते है। सरकारी स्रोतों के साथ कठोर विनियम और प्रक्रियाएँ सहित जो अधिकारिता प्रक्रिया मे बाधा डाल सकते है। NGO, अक्सर जो दूसरे पर निर्भरता को बढावा देते है, किसी ना किसी धार्मिक सन्गथन से जुडे हुए होते है और धर्मान्तरण के लिए मजबूर कर सकते है। यह सारे देश मे भी समान तरीके से उपलब्ध नही होते। अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाऔ ज्यादातर नियत अवधियाँ के लिए और आम तौर से स्वनिर्भर सशक्तिकरण के लिये तैयार नही करते।

बाह्य संसाधन से दो मुख्य साधन प्राप्त होते है : (1) अनुदान और परियोजना आर्थिक सहायता के तौर से आर्थिक सहायता (2) विशेषज्ञता जो समुदाय को परियोजनाऔ स्थापित करने मे और चलाने का मार्गदर्शन दे सकता है।

सरकारी स्रोतों :

स्थानिक स्तर , उदाहरण सरकारी ज़िला दफ्तरों का दौरा करना चाहिए। वह लोग कौन सी विशेषज्ञता और वित्तीय सहायता संभवत उपलब्ध करा सकते है उसकी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। अगले दर्जे के सरकारी अधिकारी अर्थात क्षेत्रिय या प्रान्तिय से परिचय प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए। राष्ट्रीय अधिकारीऔ के लिये भी यही करना चाहिए।

आपको एक चिज याद रखनी चाहिए कि कई बार मंत्रालयों और विभागों मे लोगो को समुदाय की मदद करने के लिये प्रशिक्षित और तैयार होते है, लेकिन परिवहन या उसके अन्य खर्चा के अभाव से कई बार वह लोग नही आते। आपको उन से पूछना चाहिए की अगर इन खर्चा का इन्तजाम किया जाये तो, क्या वो लोग समुदाय का मुआयना करना आ सकते है क्या? इससे दो उद्देश्य प्राप्त हो सकते है (1) संसाधनो के लिये मार्गदर्शन मिलेगा (2) समुदाय इस प्रक्रिया मे योगदान करता है और ईसलिए मार्गदर्शन मे ज्यादा दिलचस्पी दिखाती है।

विभिन्न क्षेत्रों की विशेषज्ञता और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध हो सकता है जैसे की
  • समुदायिक विकास
  • वातावरण पर्यटन
  • शिक्षा
  • वन-विद्या
  • स्वास्थ्य
  • आय सृजन
  • सिंचाई
  • साक्षरता
  • माइक्रो क्रेडिट
  • पथों
  • सफ़ाई
  • सामाजिक सेवाएँ
  • जल

सरकारी निधि इन माध्यम से उपलब्ध से हो सकते है :

  • विकेंद्रीकरण के माध्यम से जनता मे निधियों का वितरण
  • अनुदान विशिष्ट क्षेत्रों के लिए उपलब्ध
  • ऋणों अथवा उधार के विशेष कार्यक्रम के माध्यम से उपलब्ध

अगर आप सरकारी कार्यकर्ता, या फ़िर किसी गैर सरकारी सन्ग्ठन के लिये काम कर रहे हो, तो आप को समुदाय के हित मे उपलब्ध सरकारी संसाधनो का सर्वेक्षण करना चाहिए।

आपको या समुदाय को वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिये सारे सरकारी विभागों द्वारा आवश्यक प्रक्रियाऔ ढूढ कर उसका अभिलेख बनाना चाहिए।

गैर सरकारी स्रोतों :

वित्तय और तकनीकी विशेषज्ञता के गैर सरकारी स्रोतों मे निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं :

  • अंतर्राष्ट्रीय NGOs
  • राष्ट्रीय और स्थानिक NGOs
  • मन्दिर और अन्य धार्मिक संगठन
  • सन्सथान और न्यास फंड
  • राजदूतावासों (राष्ट्रमंडल देशों के उच्चायोग)
  • द्विपक्षीय परियोजना
  • संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय सन्गथन
  • संरक्षकों और अन्य निजी दाताओं
  • शहरी और परदेश के समुदाय सदस्य संघ

जब तक समुदाय कार्यशालाओं का आयोजन आप कर लेते हो, संयुक्त राष्ट्र से जुडे सन्गथन और अंतर्राष्ट्रीय NGO कई बार विभिन्न किस्में के विशेषज्ञ को स्थानिक समुदाय मे भेजने के इच्छुक होते है। अन्य सन्गथनो के कार्यकर्ता, सक्रियतावादी और समुदाय मे काम करनेवाले काफ़ी मदद कर सकते है और भागीदारी मे काम करने से दोनो को फ़ायदा होगा।

बाह्य संसाधनो पर ज्यादा निर्भरता रखने को प्रेरित करने से बचना चाहिए। देखिए दूसरो पर निर्भर रहने की बिमारी थोडा धन अवश्य बाहर से आ सकता है और शायद समुदायिक परियोजना पूरी करने के लिये जरूरी भी हो सकता है। लेकिन बाह्य संसाधन समुदाय को सशक्त करने से ज्यादा कमजोर करते है।

इससे ही संबंधित प्रशिक्षण प्रलेख, पैसे कैसे जुटाने चाहिए? इससे ही संबंधित प्रशिक्षण प्रलेख, पैसे कैसे जुटाने चाहिए?, उपलब्ध कोष मे से पैसे प्राप्त करने के लिये समुदाय को प्रस्ताव लिखने मे आप मार्गदर्शन दे सकते हो। इस अनुसंधान मे पहले आपको खुद पता करना होगा की कौन से सम्भवत: स्रोत उपल्बध है जो समुदाय को मदद कर सकते है।

यदि आप ज़िला अथवा क्षेत्र स्तर पर काम कर रहे हो और आप बिना किसी गंभीर अवरोध के काम करना चाहते हो, तो आप को अपने अवलोकन (अनुसंधान से प्राप्त जानकारी) को लिखकर सबको उपलब्ध करवाना आवश्यक हो जाता है।

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मंत्रालय विशेषज्ञ तकनीकी परामर्श दे रहे है :


मंत्रालय विशेषज्ञ तकनीकी परामर्श दे रहे है :

© कॉपीराइट १९६७, १९८७, २००७ फिल बार्टले
वेबडिजाईनर लुर्ड्स सदा
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आखरी अपडेट: १५.०८.२०११

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