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समाज को चुनौती देना

प्रतिरोध ताकत का उत्पादन करता ह

के द्वारा फिल बार्टले, पीएच.डी.

translated by Shilpa Sharma


शिक्षणहेन्ड्आऊट

जबकि आप चाहते है की समाज बलवान हो यह जरुरी नहि है की आप निष्क्रिय हो कर जो भी सबसे पेहले मिले उसे समाज का प्राथमिक लक्ष्य मान लें.

प्रतिरोध उत्पादन करता है ताकत; जब आप कसरत करते है तो आपके भुजाओ के स्नायु ज्यादा बलवान बनते है. अगर आपके स्नायु कभी भी प्रतिरोध का सामना नहि करेगे तो वह कमजोर हो जायेगें. अगर आप समाज के लिये बहुत ज्यादा करेंगें तो वह बलवान नहि बनेगा.

समाज प्राथमिकता का जो पेहला प्रस्ताव रखता है उसके बारे मे शायद ज्यादा विचार नहि किया गया होता, अगर आप उसको चुनौती देंगे तो शायद समाज ज्याद ध्यान से सोचेगा के उन्हे क्या कार्य करना चाहिये.

चलिये एक कल्पित उदाहरण को देखते है. शायद समाज के लोग कहते है की उनका प्राथमिक लक्ष्य एक चिकित्सालय बनाना है.

"ठीक है," मगर आप जवाब दें, "इस लक्ष्य की प्राथमिकता के पीछे आपका क्या तर्क है?" "क्या इस समाज के पास चिकित्सालय बनाने की और उसे संभालने की क्षमता है?" " चिकित्सालय बनाने से आपकी कौनसी समस्यायो का समाधान होगा? और इसे बनाने से आपको कौनसी परेशानियो का सामना करना पडेगा?" उनको अपने चुनाव का बचाव करने देने से आप उनको बलवान बना रहे है.

अगर समाज के लोग चिकित्सालय इस लिये बनाना चाहते है क्योकी कोई प्रतियोगी समाज ने चिकित्सालय बनाया है तो फिर उनकि प्रेरणा का कारण है अहंकार, और आपको यह बात स्पष्ट करनी होगी.

आप कहेः "याद रखें के इसको बनाने के लिये जो संसाधन चाहिये वह आपको खुद एकत्र करने होंगे; क्या आप अपने पैसे इस तरह खर्च करना चाहते है?" फिर शायद आपको पता चलेगा के की बच्चो कि मौत हो रहि है और वहि उनकी प्राथमिक चिन्ता है.

यहा आपको मौका मिलता है उनहे पी एच सी (प्राथमिक स्वास्थ्य); के महत्वपूर्ण सिद्धान्त के बारे मे बताने के लिये; बताने के लिये के निवारण उपाय से बेहतर है. बच्चे दस्त से मर रहे है जिसका कारण है गंदे पानी से फैलने वाली बिमारिया. देखिये पानी.

एक चिकित्सालय बिमारीयो को अच्छा करने मे मदद कर सकता है, मगर ज्यदा कोमल,सस्ती और कम जोखिम वाला उपाय हो सकता है गंदे पानी से फैलने वाली बिमारियो को कम करना. यह तीन चीजो के संयोजन से हो सकता हैः (१) स्वास्थ्य शिक्षा जिससे आचरण मे बदलाव आये, (२) साफ वहनीय पानी की पर्याप्तता और (३) प्रभावशाली आरोग्य विद्या जो सिखाता है मानव कूडे को पीने वाले पानी से दूर रखना. निवारण उपाय से बेहतर है.

उनको चुनौती देकर उनहे अपनी समस्याओ का विश्लेशण करके उनका व्यावहारिक और संभाव्य उपाय खोजना, इसके जवाब मे शायद समाज अपनी समस्याओ कि प्राथमिकता का निरीक्षण फिर से कर सकते है और नए समस्याओ कि प्राथमिकता को परिभाषित कर सकते है.

निष्क्रिय हो कर उनके लक्ष्य की पेहले पसंद को स्वीकार ना करें.

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अगर तुम इस साइट से मूलशब्द नकल करते हो, कृपया लेखक को अंगीकार करो
और वापस इसे लिकं करो www.scn.org/cmp/

© कॉपीराइट १९६७, १९८७, २००७ फिल बार्टले
वेबडिजाईनर लुर्ड्स सदा
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आखरी अपडेट: १९.०८.२०११

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